हम सब चाहते हैं कि हमारा शहर साफ़ रहे। इसकी शुरुआत घर से होती है: कचरे को फेंकने से पहले उसे अलग करना। घर के कचरे का segregation करना मुश्किल नहीं है। बस दो डिब्बे और थोड़ी आदत चाहिए।
नियम क्या कहते हैं?
भारत में Solid Waste Management Rules, 2016 के तहत हर घर को अपना कचरा अलग करना होता है।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 का भी यही लक्ष्य है।
क्यों ज़रूरी है?
जब गीला और सूखा कचरा मिल जाता है, तो दोनों खराब हो जाते हैं। गीले कचरे से खाद नहीं बन पाती, और सूखा कचरा गंदा होकर रीसायकल नहीं हो पाता। तब सब कुछ लैंडफ़िल में जाता है।
तीन डिब्बे, आसान तरीका
1. गीला कचरा (हरा डिब्बा)
सब्ज़ी और फल के छिलके
बचा हुआ खाना
चायपत्ती, कॉफ़ी
अंडे के छिलके, फूल और पत्ते
गीले कचरे से घर पर ही खाद बनाई जा सकती है। एक छोटा कम्पोस्ट बिन भी काफ़ी है।
2. सूखा कचरा (नीला डिब्बा)
प्लास्टिक की बोतलें, डिब्बे और पैकेट
अख़बार, कागज़ और गत्ता
धातु के डिब्बे और टिन
कांच की बोतलें
सूखे कचरे को साफ़ और सूखा रखें। दूध के पैकेट को धोकर सुखा लें। ये सब कबाड़ीवाले या सूखा कचरा इकट्ठा करने वाले को दिया जा सकता है।
3. घरेलू खतरनाक कचरा (अलग थैला)
डायपर और सैनिटरी पैड (अच्छी तरह लपेटकर)
पेंट और केमिकल के डिब्बे
पुरानी दवाइयाँ
बैटरियाँ और ट्यूबलाइट
इन्हें कभी भी गीले या सूखे कचरे में न मिलाएँ। अपनी नगरपालिका से पूछें कि ये कैसे लिए जाते हैं।
जो चीज़ काम की है, वह कचरा नहीं है
सबसे अच्छा कचरा वह है जो कभी बनता ही नहीं। सफ़ाई के समय बहुत सी चीज़ें निकलती हैं जो अभी भी काम की हैं: कुर्सी, पंखा, बर्तन, किताबें, खिलौने, कपड़े।
इन्हें कचरे में डालने के बजाय किसी ज़रूरतमंद को दे दें। Trezow पर आप ये चीज़ें मुफ़्त में लिस्ट कर सकते हैं, और आपके आसपास के लोग इन्हें माँग सकते हैं।
पुराने फ़ोन और लैपटॉप ई-कचरा हैं। इन्हें कभी भी सामान्य कचरे में न फेंकें। चालू हालत वाले किसी को दे दें, और खराब वाले अधिकृत रीसायकलर को।
रोज़ की आदत
रसोई में दो डिब्बे रखें: गीला और सूखा।
खतरनाक कचरे के लिए एक अलग थैला रखें।
कचरा गाड़ी आए तो दोनों अलग-अलग दें।
महीने में एक बार सूखा कचरा कबाड़ीवाले को दें।
छोटी सी बात
गीला, सूखा और खतरनाक कचरा अलग रखें।
सूखा कचरा साफ़ और सूखा रखें।
काम की चीज़ें कचरे में न डालें, किसी को दे दें।
और पढ़ें: मुफ़्त सामान कैसे पाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गीले कचरे में क्या जाता है?
सब्ज़ी और फल के छिलके, बचा हुआ खाना, चायपत्ती, अंडे के छिलके और फूल। इससे खाद बन सकती है।
सूखे कचरे में क्या जाता है?
प्लास्टिक, कागज़, गत्ता, धातु, कांच और लकड़ी। इसे साफ़ और सूखा रखें, ताकि यह रीसायकल हो सके।
डायपर और सैनिटरी पैड कहाँ डालें?
इन्हें अच्छी तरह लपेटकर अलग रखें। नियमों में इन्हें घरेलू खतरनाक कचरे में गिना गया है।
स्रोत
अब आपकी बारी
कुछ ऐसा है जो अब काम नहीं आता?
उसे Trezow पर मुफ़्त में दें। लिस्ट करने में लगभग 30 सेकंड लगते हैं।
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